• मोक्ष के लिए संत की कठिन साधना; चिलचिलाती धूप में सुलगते कंडों के बीच रमाई धुनी-जन समाचार आगरा

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    • आगरा के सरेंधी गांव में तीन मई से संत ने रमाई धूनी, गंगा दशहरे तक चलेगी कठिन साधना
    • संत का हठयोग इलाके में चर्चा का विषय बना

    आगरा. तापमान का पारा पूरे उत्तर भारत में 45 डिग्री से पार हो चुका है, जिससे जन जीवन अस्त व्यस्त है। ऐसे में आगरा जिले के तहसील खेरागढ़ के सरेंधी गांव के बाहर एक साधु धूनी रमाकर साधना में लीन है। साधु के इर्द-गिर्द गोबर के कंडे सुलगते रहते हैं। जिसे हठयोग का नाम दिया जा रहा है। संत का हठयोग इलाके में चर्चा का विषय बना है। 
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    गंगा दशहरा तक चलेगी साधना
    आगरा की तहसील खेरागढ़ के जगनेर के समीप सरेंधी गांव में वनखंडी आश्रम है। आश्रम में रहने वाले साधु भूरा गिरि ने तीन मई को कठिन साधना शुरू की है, जो 12 जून तक गंगादशहरे तक चलेगी। चिलचिलाती धूप में एक खेत में अपने चारों तरफ कंडो की धूनी लगाकर तपस्या में लीन हैं। 

    ग्रामीण राजकुमार ने बताया कि, साधु श्री भूरा गिरि बाबा प्रति वर्ष जेठ माह में धूप में साधना करते हैं। वहीं भूरा गिरि का कहना है कि इस साधना से परमात्मा की प्राप्ति और सभी भक्तों की प्राकृतिक आपदाओं से रक्षा करना उद्देश्य है। 
    क्या है हठयोग
    हठ योग प्राचीन भारतीय साधना पद्धति है। इसमें शरीर के आधार पर विभिन्न प्रकार के आसन, प्राण के आधार पर विभिन्न प्रकार के प्राणायाम और इन दोनों के मिश्रण से कई प्रकार की मुद्रा, बन्ध और अन्य क्रियाएं की जाती हैं। इसमें ध्यान भी किए जाते हैं।....................................................................................................................................Jan Samachar News in Agra ( जन समाचार आगरा )
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